पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा इजाफा
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी इसकी बड़ी वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है।सूत्रों के अनुसार पहले कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, जो अब बढ़कर लगभग 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। ऐसे में तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है।।
जानकारों का कहना है कि भारतीय तेल कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं और अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण यह दबाव और बढ़ गया है। पिछले कुछ वर्षों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन अब अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।परिवहन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक इसका असर देखने को मिल सकता है और आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।।








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