महंगी किताबें थोपने और नियमों के उल्लंघन पर सख्ती, 15 दिन में जवाब मांगा

जांच में सामने आया है कि कई स्कूल एनसीईआरटी के बजाय महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। साथ ही, कुछ स्कूल खास दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं और अपनी वेबसाइट पर फीस व बुक लिस्ट जैसी जरूरी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, सीबीएसई गाइडलाइन और उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के खिलाफ बताया है।सभी स्कूलों को 15 दिन के भीतर बुक लिस्ट में सुधार, एनसीईआरटी को प्राथमिकता देने, अतिरिक्त वसूली गई रकम लौटाने और वेबसाइट पर पूरी जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन स्कूलों को नोटिस जारी
विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिनमें श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीनवुड ग्लोबल स्कूल हल्द्वानी, ओकवार्ड पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीन फील्ड एकेडमी रामनगर, मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल रामनगर, शाइनिंग स्टार स्कूल रामनगर, डी विटो स्कूल भवाली, महर्षि विद्या मंदिर भवाली, निर्मला कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी, क्वींस सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी, द सनबीम पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, शामिल हैं।। 

इसके अलावा, पूरे मामले की जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट देगी।प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द या निलंबित की जा सकती है, साथ ही आर्थिक दंड और सीबीएसई को कार्रवाई की संस्तुति भी भेजी जाएगी।




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