44 बिना पंजीकरण संचालित, 125 नियमों के विपरीत पाए गए; डीएम ललित मोहन रयाल ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रशासन की टीमों ने पाया कि 44 होम स्टे बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, जबकि 125 होम स्टे वर्ष 2015 की नियमावली के निर्धारित मानकों के विपरीत चलाए जा रहे थे। कई स्थानों पर निजी पार्किंग की सुविधा नहीं मिली, जबकि कई होम स्टे में स्वामी स्वयं निवासरत नहीं पाए गए। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ होम स्टे अन्य व्यक्तियों को लीज पर देकर चलाए जा रहे थे और कई का संचालन राज्य के बाहर के लोग कर रहे थे।
नैनीताल शहर में एसडीएम नवाजिश खलिक के नेतृत्व में तल्लीताल, बूचड़खाना, प्राणी उद्यान मार्ग और मल्लीताल मोहन को चौराहा क्षेत्र में 16 होम स्टे पर छापेमारी की गई। प्रशासन के अनुसार इनमें से कोई भी होम स्टे नियमावली के मानकों पर खरा नहीं उतरा।जिलाधिकारी ने कहा कि होम स्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार देना, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
बाहरी लोगों द्वारा व्यावसायिक तरीके से संचालित हो रहे
बाहरी लोगों द्वारा व्यावसायिक तरीके से संचालन किए जाने से नियमों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू बिजली-पानी कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग कर जीएसटी चोरी के जरिए राज्य को राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी 169 होम स्टे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण समेत कठोर कार्रवाई की जाएगी।






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