महंगी किताबों और अभिभावकों पर दबाव बनाने के आरोप, 15 दिन में जवाब तलब
नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

👉 इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 38 स्कूलों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।
👉 अब तक जिले में कुल 50 निजी स्कूल प्रशासन के निशाने पर आ चुके हैं।
इन 12 स्कूलों को भेजा गया नोटिस
वेदान्तंम इंटरनेशनल स्कूल, दमुवाढूंगा हल्द्वानी
चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल, बरेली रोड हल्द्वानी
न्यू बाल संसार स्कूल, तीनपानी हल्द्वानी
आरुष पब्लिक स्कूल, हाथीखाल हल्द्वानी
जी किड्स पब्लिक स्कूल, सुरभि कॉलोनी हल्द्वानी
काठगोदाम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, मल्ली बमौरी
लिटिल स्पार्कल एकेडमी, मोटाहल्दू
मानस पब्लिक स्कूल, मानपुर वेस्ट
नेशनल पब्लिक स्कूल, कुसुमखेड़ा
श्री कृपा पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी
सेंट जॉर्ज स्कूल, आरटीओ रोड
समिट पब्लिक स्कूल, डहरिया।
जांच में सामने आया है कि कई स्कूल-
❌ एनसीईआरटी के बजाय महंगी प्राइवेट किताबें अनिवार्य कर रहे हैं
❌ खास दुकानों से किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं
❌ वेबसाइट पर फीस और बुक लिस्ट की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे,जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।कानूनी आधार पर कार्रवाई
यह कार्रवाई निम्न नियमों के तहत की जा रही है:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009
उच्च न्यायालय के निर्देश
स्कूलों को दिए गए सख्त निर्देश
👉 15 दिन में संशोधित बुक लिस्ट जारी करें (NCERT प्राथमिकता)
👉 किसी भी विशेष विक्रेता की बाध्यता खत्म करें
👉 वेबसाइट पर पूरी फीस और बुक डिटेल डालें
👉 अभिभावकों को अनावश्यक किताबों का पैसा लौटाएं या एडजस्ट करें
अब क्या होगा?
जिला प्रशासन ने जांच के लिए संयुक्त टीम गठित कर दी है, जो 15 दिन में रिपोर्ट देगी।आदेश न मानने पर—ल,
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