घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी न होना पुलिस के लिए चुनौती बना-
हल्द्वानी,बुधवार 17 मई को एसएसपी पंकज भट्ट ने गोरापड़ाव में हुए नंदी हत्याकांड का खुलासा किया। हत्याकांड के खुलासे को लेकर कई पुलिसकर्मियों की टीमें लगाई गई थी। घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी न होना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। आपने सुना होगा कानून के हाथ बहुत लम्बे होते हैं, आखिरकार 12 दिन बीत जाने के के बाद पुलिस नंदी के असल कातिल तक पहुंच ही गई। आप ये जान दंग रह जायेंगें की नंदी का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसी का पड़ोसी के वहाँ रहने वाला किरायेदार निकला।
गिरवी रखा नंदी का मोबाइल कातिल तक पहुंचने का बना रास्ता -
नंदी आंटी की दुकान में बीड़ी का बंडल लेने गया था हत्यारोपी-
हत्यारोपी ने बताया कि वह पड़ोस में रहने वाली नंदी आंटी की दुकान में बीड़ी का बंडल लेने गया था लेकिन उसके पास पैसे खुले नहीं थे, ऐसे में उसने उधार बीड़ी मांगी, लेकिन नंदी ने उसे अपशब्द कहते हुए बीड़ी नहीं दी और ये यह बात उसे चुभ गई। इसके बाद वह कमरे में गया और उसने नंदी को ठिकाने लगाने की योजना बना ली।
नंदी के घर के सामने छुप गया और दरवाजे खुलने का इंतजार करता रहा-
गिरफ्तार अभियुक्तगण-
1- मनोज पुरी पुत्र शंकर निवासी हररपुर मटकली तहसील नवाबगंज थाना हाफिजगंज जिला बरेली उ.प्र.
बरामद सामान-
1- एक मोबाईल नोकिया की पैड मृतका नन्दी देवी का।
2- एक लाल शूटकेश मृतका का जिसके अन्दर मृतका के कपडे सूट, साड़ी आदि।
3- एक पन्नी में मृतका नन्दी देवी के घर से ले जाए गये दस्तावेज।
4- नगद धनराशि।
5- एक अदद आला कत्ल हथौड़ा।
पंकज भटट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल महोदय द्वारा घटना का अनावरण करने वाली टीम को 5000/- रुपये का नगद पुरुस्कार देने की घोषणा की है।





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