पेपर लीक पर सरकार का बड़ा प्रहार
हल्द्वानी,देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून को और सख्त बनाने के लिए संशोधित विधेयक ला सकती है।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, पेपर लीक, प्रश्नपत्र बेचने, संगठित नकल कराने या ऐसे अपराध में शामिल पाए जाने पर दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाने का प्रस्ताव है, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। साथ ही पेपर लीक से अर्जित संपत्ति जब्त करने, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेनदेन की जांच को कानूनी मजबूती देने की भी तैयारी है।

सरकार का कहना है कि इस कानून का मकसद युवाओं के भविष्य की रक्षा करना, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक माफिया पर प्रभावी लगाम लगाना है।
बताया जा रहा है कि यह संशोधित विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। अब देखना होगा कि नए कानून से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।।



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