इलाज में लापरवाही या चिकित्सकीय चूक? मौत के बाद उठे कई गंभीर सवाल

ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन समय पर उचित उपचार और सही जानकारी परिजनों को नहीं दी गई।परिजनों का कहना है कि मरीज को लगातार दर्द, संक्रमण और अन्य जटिलताओं का सामना करना पड़ा। दीपक ने बताया कि उनके पिता द्वारा बताया गया कि ऑपरेशन ठीक नहीं हुआ हे। अस्पताल प्रशासन द्वारा महंगी दवाइयां और मेडिकल उपकरण मंगवाए जाते रहे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।आरोप है कि डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता और जांच रिपोर्टों की जानकारी भी समय पर साझा नहीं की।
आखिरकार 17 मई को जब मरीज के बचने की उम्मीद बेहद कम बताई गई, तो परिवार उन्हें घर ले जाने लगा, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।अब दीपक जोशी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए सवाल उठाए हैं कि क्या उपचार में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिसके कारण उनके पिता की जान गई। 

दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने की जानकारी दी लेकिन बाद में कहा कि सर्जरी करनी पड़ेगी
उन्होंने कहा है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।दीपक ने यह भी बताया कि पहले डॉक्टरों ने उनको दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने की जानकारी दी लेकिन बाद में कहा कि सर्जरी करनी पड़ेगी। दीपक ने कहा कि आज निजी अस्पताल जमकर लूट खसोट का धंधा बनकर बैठे हैं लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है, आखिर इंसानों की जान इतनी सस्ती क्यों है? क्यों सरकार इन पर नियंत्रण नहीं कर रही है?





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