14 जनवरी तक सभी मांगलिक और शुभ कार्य रहेंगे वर्जित-
हल्द्वानी, वर्तमान में जो विवाह सीजन चल रहा हे वो अब अपने अंतिम चरण में है। 11 दिसंबर को विवाह का अंतिम लग्न है और 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। 14 जनवरी तक सभी मांगलिक और शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। बताते चलें की खरमास साल में दो बार आता है और करीब एक माह तक रहता है।

ये 30 दिन अध्यात्मिक शक्ति और भक्ति बढ़ाने वालों के लिए महत्वपूर्ण -
शास्त्रों के अनुसार ये 30 दिन अध्यात्मिक शक्ति और भक्ति बढ़ाने वालों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशि धनु में प्रवेश करते हैं, तब खरमास शुरू होता है। 15 दिसंबर को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे जिसे धनु संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष आचार्य के अनुसार खरमास के दौरान भगवान सूर्य की पूजा से कई गुना फल मिलते हैं। खरमास का समय आत्मिक शुद्धि और ध्यान का समय माना गया है। ये पड़ें- हल्द्वानी का ये नामी पत्रकार बन सकता हे मेयर पद का प्रबल दावेदार
खरमास में भगवान सूर्य को जल अर्पित करने का हे विशेष महत्व-
खरमास के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करने का विशेष महत्व हे। धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और भक्ति कार्य करना इस माह में अत्यधिक शुभ माना जाता है। व्रत रखना और जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य मिलता है।
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