पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को जवाब देने की तैयारियों तेज-
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को जवाब देने की तैयारियों के बीच, केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत, गृह मंत्रालय ने 7 मई को देशभर में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

इन सायरनों की आवाज लगभग 3 किलोमीटर (1.9 मील) तक सुनाई देती थी, जो एक विस्तृत क्षेत्र को कवर करती थी। सायरन की आवाज आमतौर पर 2 से 5 मिनट तक बजती थी, जिससे नागरिकों को पर्याप्त समय मिलता था। इनका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शरणस्थलों में जाने और सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए सचेत करना था, ताकि वे संभावित हवाई हमलों से सुरक्षित रह सकें।।
जंग वाले सायरन पहले कब कब बजे ये भी जानिए-
विश्व की बात करें तो सबसे पहले सायरन का विकास ट्रिनिटी हाउस के जेम्स डगलस और जॉर्ज स्लाइट (1859-1934) द्वारा 1877-1880 के दौरान किया गया था।







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