अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के लोगों ने दिल से निकाला,खुद की सीट भी नहीं बचा पाए

खुद की सीट नहीं बचा पाए केजरीवाल-

दिल्ली विधानसभा चुनाव में ना केवल आम आदमी पार्टी को हार मिली बल्कि ख़ुद अरविंद केजरीवाल भी नई दिल्ली विधानसभा सीट नहीं बचा पाए। वहीँ पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा से चुनाव हार गए। बतातें चलें की अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल सितंबर महीने में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने भ्रष्टाचार के एक मामले में ज़मानत मिलने के कुछ दिन बाद ही यह फ़ैसला किया था। 

दिल्ली की जनता ने अपना फ़ैसला सुना दिया है-

जब केजरीवाल जेल में थे तो विपक्षी पार्टियां उनके इस्तीफ़े की मांग कर रही थीं और तंज़ कस रही थीं कि दिल्ली की सरकार जेल से चल रही है, तब केजरीवाल ने इन मांगों को अनसुना कर दिया था। अब दिल्ली की जनता ने अपना फ़ैसला सुना दिया है। यह फ़ैसला किसी के बेईमान और ईमानदार होने से ज़्यादा यह है कि दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नहीं बल्कि कोई बीजेपी से होगा। 

केजरीवाल अपनी पार्टी और ख़ुद के कट्टर ईमानदार होने का दावा करते रहे हैं-

केजरीवाल को शायद यह अंदाज़ा नहीं था कि इस इस्तीफ़े के बाद उन्हें 2030 के अगले चुनाव तक इंतज़ार करना होगा। दरअसल केजरीवाल ने राजनीति में दस्तक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के ज़रिए दी थी। केजरीवाल अपनी पार्टी और ख़ुद के कट्टर ईमानदार होने का दावा करते रहे हैं, ऐसे में जब भ्रष्टाचार के मामले में वह जेल गए तो यह उनकी छवि से बिल्कुल अलग था।

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