यूट्यूबर सौरभ जोशी सहित बुरे फंसे देश के बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर,करोड़ों की ठगी में पुलिस ने थमाया नोटिस

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का विज्ञापन देख लोगों ने लगाया था रूपया -

हल्द्वानी,मशहूर यूट्यूबर/व्लॉगर हल्द्वानी निवासी सौरव जोशी सहित अन्य की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दरअसल नई दिल्ली स्पेशल सेल को आईएफएसओ यूनिट ने हाईबॉक्स एप के जरिये देशभर के 30 हजार से ज्यादा लोगों से 1000 करोड़ रुपये ठगने के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर यूटयूबर सौरभ जोशी, एल्विश यादव, अभिषेक मलहान, लक्ष्य चौधरी सहित अन्य को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है,साथ ही नोटिस जारी किए हैं।

मोबाइल एप्लिकेशन द्वारा एक प्लानिंग के साथ किया गया घोटाला है-

HIBOX एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो एक प्लानिंग के साथ किया गया घोटाला है।  इसके जरिए आरोपियों ने हर दिन 1 से 5 प्रतिशत तक ब्याज, यानी एक महीने में 30% से 90% तक की गारंटीशुदा रिटर्न देने का वादा किया था। इस ऐप को फरवरी में लॉन्च किया गया था। 

HIBOX एप से 1000 करोड़ ठगने का मामला -

HIBOX एप से 1000 करोड़ ठगने के मामले में पुलिस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर यूटयूबर से पूछताछ करेगी। वहीं, भारत में गिरोह के मुख्य आरोपी जे. शिवराम (30) को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी न्यू वॉशरमेनपेट, चेन्नई का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के चार बैंक खातों में मौजूद 18 करोड़ रुपये सीज किए हैं। पुलिस को अब तक 151 शिकायतें मिली हैं।

बड़े यूट्यूबर द्वारा इस एप्प  का कराया गया था प्रचार -

आईएफएसओ प्रमुख उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि 16 अगस्त को यूनिट को 29 शिकायतें मिलीं थी। उनसे हाईबॉक्स एप में मासिक रिटर्न का वादा कर निवेश करवाया गया था। ठगों ने सौरभ जोशी, अभिषेक मल्हान, एल्विश यादव, भारती सिंह, हर्ष लिंबाचिया, लक्ष्य चौधरी, आदर्श सिंह, दिलराज सिंह आदि के जरिये एप का विज्ञापन करवाया था।

आरोपियों ने नोएडा स्थित कार्यालय को बंद कर दिया-

20 अगस्त को मामला दर्ज करने के बाद जांच में यह बात सामने आई सो कि हाईबाक्स के खिलाफ उत्तर-पूर्व भर जिले में साइबर थाने में भी मामला दर्ज है। यहां नौ पीड़ितों ने शिकायतें दी थीं। इस मामले को भी यूनिट को का ट्रांसफर कर दिया गया। जांच के दौरान उत्तर-पूर्व जिले की 30, शाहदरा जिले की 24 और बाहरी जिले की 35 शिकायतें भी शामिल की गई। एनीसीआरपी पोर्टल पर इसी तरह की धोखाधड़ी के 488 और मामले भी लिंक किए गए हैं। वहीं, आरोपियों ने नोएडा स्थित कार्यालय को बंद कर दिया है।

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