हल्द्वानी,नगर निगम सीट आरक्षित होने की खबर पे मोहन पाल ने ठोकी मेयर पद की मजबूत दावेदारी

उत्तराखंड की कई सीटों पर आरक्षण के रोस्टर में बदलाव की बन रही संभावना -

हल्द्वानी,लोकसभा चुनाव के बाद अब शहर में निकाय चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं,इसके साथ ही अब दावेदार भी सामने आने लगे हैं। जानकारी अनुसार इस बार उत्तराखंड की कई सीटों पर आरक्षण के रोस्टर में बदलाव की संभावना है।  

आरक्षित सीट होने की खबर से ही दावेदारों में शुरू हुई बेचैनी-

बतातें चलें की साल 2018 में सात नगर निगमों का चुनाव हुआ था और इनमें से हल्द्वानी और देहरादून नगर निगम में मेयर का पद अनारक्षित था। हल्द्वानी नगर निगम 2014 में अस्तित्व में आने के बाद से यह सीट अनारक्षित चल रही है।इसलिए अब यहाँ बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में अगर सीट आरक्षित हुई तो उससे पहले ही सुगबुगाहट के बीच खुलकर दावेदार भी सामने आने शुरू हो गए हैं। 

हल्द्वानी से मेयर पद के लिए मोहन पाल ने ठोकी मजबूत दावेदारी -

हल्द्वानी नगर निगम को आरक्षित होने की आतुरता के बीच अब दावेदार भी ताक लगाए बैठे हैं।  भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहन पाल ने हल्द्वानी नगर निगम से मेयर पद के लिए प्रबल रूप से दावेदारी की है।  मोहन पाल ने बकायदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और नैनीताल जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट को एक पत्र भेजकर अपनी बात रखी है।  

मोहन पाल का राजनैतिक अनुभव काफी पुराना-

बतातें चलें की मोहन पाल का राजनैतिक अनुभव बहुत पुराना है।  उन्होंने साल 2017 का विधानसभा चुनाव भीमताल विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर लड़ा था। वहीँ साल 2022 में भी आरक्षित नैनीताल सीट से उनकी प्रबल दावेदारी रही थी लेकिन बीजेपी ने उन्हें टिकट ना देकर ऐन मौके पर कांग्रेस से आयीं सरिता आर्य को भाजपा ने टिकट थमा दिया था।  

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