राज्य में किसी भी सीट पर उपचुनाव की संभावना नहीं-
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अब राज्य में किसी भी सीट पर उपचुनाव की संभावना नहीं है, सीएम तीरथ सिंह रावत छह माह के भीतर विधानसभा के सदस्य बनने का अपना अवसर भी अब गवां चुके हैं। अब संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार तीन ही विकल्प बचते हैं, या तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए या विधानसभा को भंग कर विधानसभा चुनाव कराएं जाए या फिर विधायकों के बीच से नया सीएम चुना जाए। चुनाव आयोग को चाहिए कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही उप चुनाव पर निर्णय ले।
अब आप घर बैठे ही हम से पालिसी ले सकते हैं,तो जल्दी कॉल करें- 9897427220,
Star Health Insurance Uttarakhand-Haldwani ,Ruderpur,Nainital
यदि विधानसभा की अवधि एक साल से कम रह जाती है तो उपचुनाव नहीं कराया जा सकता-
साथ ही प्रीतम सिंह ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में स्पष्ट प्रापधान है कि यदि विधानसभा की अवधि एक साल से कम रह जाती है तो उपचुनाव नहीं कराया जा सकता। वर्तमान में गंगोत्री और अब हल्द्वानी सीट रिक्त तो हैं लेकिन उनका कार्यकाल अब एक साल नहीं रहा, नियमानुसार ऐसे में केवल तीन ही विकल्प है।साथ ही प्रीतम सिंह ने कहा कि अब पूरा दारोमदार चुनाव आयेाग पर है, यदि वो केंद्र सरकार के दबाव में आकर चुनाव कराता है तो कांग्रेस राजनीतिक दल होने के नाते चुनाव में भाग लेकर अपने धर्म का पालन करेगा।
Advertize with us,call now- 9897427220,8279849405





0 टिप्पणियाँ