हल्द्वानी:निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त,फीस बढ़ोतरी पर लगाम,अतिरिक्त वसूली लौटाने के आदेश

सभी निजी स्कूलों के लिए शुल्क निर्धारण और वसूली को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी

हल्द्वानी। जिले में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने सभी निजी स्कूलों के लिए शुल्क निर्धारण और वसूली को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

10% से ज्यादा फीस बढ़ाई तो होगी कार्रवाई, डीएम के निर्देश पर नए आदेश जारी

नए आदेश के अनुसार अब निजी विद्यालय प्रवेश शुल्क केवल वास्तविक और उचित खर्च के आधार पर ही ले सकेंगे। शिक्षण शुल्क और परीक्षा शुल्क के अलावा विभिन्न मदों में ली जाने वाली अतिरिक्त राशि को समायोजित कर केवल विकास शुल्क के रूप में रखा जाएगा, जिसे न्यूनतम रखना अनिवार्य होगा। इसके लिए अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) की मंजूरी भी जरूरी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निजी विद्यालय तीन वर्षों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकेंगे और इसके लिए भी पीटीए की स्वीकृति अनिवार्य होगी। मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।।

इसके अलावा स्कूलों को पूरे शैक्षणिक सत्र में केवल चार मासिक परीक्षाएं, एक अर्द्धवार्षिक और एक वार्षिक परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड कक्षाओं में अधिकतम एक या दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं ही कराई जा सकेंगी।परीक्षा शुल्क भी वास्तविक खर्च के आधार पर तय होगा और किसी भी स्थिति में उच्चतम कक्षा के लिए यह शुल्क 600 रुपये से अधिक नहीं लिया जा सकेगा। वहीं, स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) शुल्क मात्र एक रुपये निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन के इस फैसले से हजारों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है और निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगने की संभावना जताई जा रही है।

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