हल्द्वानी,प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा,कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर कब लगेगी लगाम?क्या नियम तोड़ रहे हैं कोचिंग सेंटर?

प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा, लेकिन कोचिंग सेंटरों पर खामोशी क्यों? गलियों में चल रही 'मिनी स्कूल' व्यवस्था पर कब होगी कार्रवाई?
• क्या मोटी फीस पर लगेगी लगाम?
• क्या दावों की होगी जांच?
• क्या सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल?
• क्या कोचिंग सेंटरों का होगा सत्यापन?
• क्या अभिभावकों को मिलेगी पारदर्शिता?
• क्या हल्द्वानी के कोचिंग सेंटर नियम-कानूनों के दायरे में  हैं या मनमानी जारी है?

हल्द्वानी,जिले में निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग और प्रशासन लगातार सख्ती दिखा रहा है। किताबों, यूनिफॉर्म, फीस और नियमों के उल्लंघन को लेकर दर्जनों स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। हाल ही में 114 निजी स्कूलों को भी अपनी बात रखने का आखिरी मौका दिया गया है।।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या नियम-कानून सिर्फ स्कूलों के लिए हैं?

शहर की गलियों और तंग मोहल्लों में बड़ी संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां एक छोटे से कमरे में दर्जनों बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। कई जगहों पर बच्चों को बैग, नोट्स और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी बेची जा रही है। अभिभावकों से मोटी फीस वसूली जा रही है, लेकिन इन संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी, पार्किंग, भवन मानकों और प्रशासनिक अनुमति की स्थिति क्या है, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।।

जब स्कूलों की किताबों और ड्रेस की खरीद तक की जांच हो रही है, तो क्या कोचिंग सेंटरों के संचालन की भी समीक्षा नहीं होनी चाहिए? क्या इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित है? यदि किसी तंग गली या भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हादसा हो जाए तो जिम्मेदारी किसकी होगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग सेंटर बिना पर्याप्त सुविधाओं के संचालित हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह स्कूलों की तरह कोचिंग संस्थानों का भी व्यापक सर्वे कराए और यह सुनिश्चित करे कि वहां सभी आवश्यक मानकों का पालन हो रहा है।

स्कूलों पर कार्रवाई के बाद अभिभावकों को उम्मीद जगी थी कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। लेकिन अब सवाल उन कोचिंग सेंटरों पर है, जहां हजारों बच्चे पढ़ रहे हैं। क्या इनकी फीस, सुरक्षा व्यवस्था और दावों की भी जांच होगी? क्या प्रशासन इन संस्थानों का सत्यापन कर कोई बड़ा कदम उठाएगा, या फिर यह सवाल यूं ही हवा में तैरते रहेंगे? फिलहाल शहर के हजारों अभिभावकों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

join our whatsapp group- click here👈
Youtube Channel-  click here👈
facebook Page-  click here👈
 instagram- Click here👈

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ